Sun Aug 01 2010 10:33:12 GMT+0530 (India Standard Time)
क्या आपने कभी एक रुपया में पेट भर खाना खाया है, अगर नहीं तो लुधियाना के ब्रह्म भोग में जाइए। जहां पिछले 12 सालों से एक रुपये में थाली भर के खाना खिलाया जा रहा है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्ते हैं। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। रसोईघर में खाने की थाली महंगी होती जा रही है। ऐसे में यह जगह महंगाई के ज़माने में एक अजूबे से कम नहीं है। यहां एक रुपये में पेट भर खाना दिया जाता है। लुधियाना का यह होटल रोज़ाना हज़ारों लोगों को खाना खिलाता है, वह भी उनकी जेब से सिर्फ़ एक रुपये का सिक्का लेकर। ऐसा भी नहीं है कि खाने में कोई कटौती की जाती है। चावल, दाल, रोटी, सब्ज़ी, अचार, सलाद से सजी एक रुपये की इस थाली के बाद बक़ायदा मीठा भी दिया जाता है. कई लोग तो इस खाने को घर के खाने से बेहतर मानते हैं। वैसे यहां सिर्फ़ एक रुपये देकर ही आपको खाने की थाली नहीं मिलनेवाली। आपको इस ख़ास होटल के कुछ ख़ास नियमों को मानना होगा। मसलन आपके हाथों के नाखून कटे होने चाहिए। आपके दांत और मुंह साफ़ होने चाहिए और खाने के लिए कुर्सी पर बैठने से पहले आपको अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोने होंगे। इसके अलावा, खाना उतना ही लेना है जितना खा सकें। अन्न का अपमान नहीं करना है। खाने का नुक़सान नहीं होना चाहिए और खाना खाने के बाद भी हाथ साबुन से धुलकर ही जाना है। यहां की साफ़-सफाई, खाने की गुणवत्ता और उसकी क़ीमत ही है जो समाज का हर तबका यहां खाने के लिए आता है। ज़ाहिर है महंगाई के इस ज़माने में ये ब्रह्म भोग एक मिसाल है, जिसके कर्ता-धर्ता कोई वाहवाही लूटना नहीं चाहते। वे सिर्फ़ लोगों की भूख मिटाना जानते हैं।